सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ी खबर सामने आई है। Meta Platforms अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म Instagram में एक अहम बदलाव करने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी Instagram के Direct Messages (DM) में मौजूद End-to-End Encryption (E2EE) फीचर को हटाने की तैयारी कर रही है।
इस खबर के सामने आने के बाद टेक इंडस्ट्री और यूजर्स के बीच प्राइवेसी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि इससे यूजर्स की चैट सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
End-to-End Encryption क्या होता है?
End-to-End Encryption एक ऐसी सिक्योरिटी तकनीक है जिसमें मैसेज भेजने वाले और मैसेज प्राप्त करने वाले के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति उस मैसेज को पढ़ नहीं सकता।
इसका मतलब यह है कि:
• मैसेज एन्क्रिप्ट होकर भेजा जाता है
• केवल रिसीवर के डिवाइस पर ही डिक्रिप्ट होता है
• प्लेटफॉर्म कंपनी भी उस चैट को नहीं पढ़ सकती
इसी वजह से इसे ऑनलाइन चैट के लिए सबसे सुरक्षित तकनीकों में से एक माना जाता है।
Instagram में यह फीचर कब आया था?
Instagram ने इस फीचर को कुछ समय पहले टेस्टिंग के तौर पर शुरू किया था। यह सभी यूजर्स के लिए डिफॉल्ट नहीं था, बल्कि इसे अलग से एक्टिवेट करना पड़ता था।
Encrypted चैट में यूजर्स को कुछ अतिरिक्त प्राइवेसी फीचर भी मिलते थे, जैसे कि सुरक्षित मैसेजिंग और बेहतर डेटा सुरक्षा।
Meta यह फीचर क्यों हटा रहा है?
Meta Platforms के मुताबिक इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम लोग कर रहे थे, इसलिए कंपनी इसे बंद करने पर विचार कर रही है।
हालांकि टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं जैसे- कंटेंट मॉडरेशन को आसान बनाना, गलत या अवैध कंटेंट को जल्दी पहचानना और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा नियमों को लागू करना। क्योंकि End-to-End Encryption होने पर कंपनी भी मैसेज कंटेंट को नहीं देख पाती।

यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
अगर यह फीचर पूरी तरह से हट जाता है तो Instagram DM में End-to-End Encryption उपलब्ध नहीं रहेगा। चैट डेटा कंपनी के सर्वर से होकर गुजरेगा और प्राइवेसी को लेकर कुछ यूजर्स चिंतित हो सकते हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि यूजर्स की सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन के लिए अन्य सिस्टम मौजूद रहेंगे।
क्या दूसरे ऐप्स पर भी असर पड़ेगा?
फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि WhatsApp में End-to-End Encryption हटाया जाएगा।
WhatsApp में यह फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू रहता है और कंपनी कई बार कह चुकी है कि यह प्लेटफॉर्म की मुख्य सुरक्षा विशेषताओं में से एक है।
मेरी राय
Instagram से End-to-End Encryption हटाने की खबर ने एक बार फिर डिजिटल प्राइवेसी बनाम प्लेटफॉर्म कंट्रोल की बहस को तेज कर दिया है।
एक तरफ कंपनियां प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और नियंत्रित रखना चाहती हैं, वहीं दूसरी तरफ यूजर्स अपनी निजी बातचीत की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Meta Platforms इस मुद्दे पर क्या अंतिम फैसला लेती है और इसका असर सोशल मीडिया प्राइवेसी पर कितना पड़ता है।
यह भी पढ़ें: Meta ने हटाए 1.5 लाख से ज्यादा Facebook और Instagram अकाउंट, जानिए क्या है पूरा मामला








