टेलीकॉम जगत में एक बड़ी डील देखने को मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि, देश की दो बड़ी टेलीकॉम कंपनियां Vi और BSNL यानी वोडाफोन आइडिया और सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटिड एक दूसरे का साथ देने आ रही हैं। खबर मिली है कि दोनों कंपनियां एक दूसरे के साथ खड़ी होंगी ताकि जियो और एयरटेल के बढ़ते दबदबे के बीच मार्केट में बनी रह सकें। इस भागीदारी में कंपनियां अपने टॉवर एक दूसरे के साथ शेयर करेंगीं। इसके अलावा स्पेक्ट्रम शेयर करने की बात भी सामने आ रही है।
Vi और BSNL की जुगलबंदी जल्द देखने को मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, बहुत जल्द दोनों कंपनियां एक दूसरे का सहारा बनने के लिए कोई खास डील कर सकती है। लाइवमिंट की रिपोर्ट की मानें तो वोडाफोन आइडिया और भारत संचार निगम लिमिटिड के बीच बात शुरू हो चुकी है। कंपनियां अपने टॉवर, फाइबर, और स्पेक्ट्रम तक शेयर करने पर विचार कर रही हैं।
Vi और BSNL की भागीदारी से फायदा
Vi और BSNL की भागीदारी से दोनों कंपनियों को ही लाभ मिलने की बात कही जा रही है। इस कदम से कंपनियां अपनी लागत कम करने जा रही हैं। देखा जाए तो, दोनों ही कंपनियों का नेटवर्क दूर तक फैलाना है और 5G के रोलआउट में दोनों को ही और तेजी से फायदा मिलेगा। इसका फायदा यूजर्स को भी होगा। इससे दूर दराज के गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में भी दोनों कंपनियों का नेटवर्क कवरेज बेहतर होगा।
Jio, Airtel जैसी कंपनियां इन दोनों, Vi और BSNL के लिए लम्बे समय से बड़ी चुनौती बनी रही हैं। इसलिए फिलहाल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है। जो इनके विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि फासला बड़ा है और जियो एयरटेल तक पहुंचने में कंपनियों को काफी समय लग सकता है। इस भागीदारी से एक्सपर्ट्स संभावना बनाए हुए हैं कि कंपनियां जियो और एयरटेल की तरह बेहतर कवरेज देंगी, सर्विसेज तेज होंगीं और अनलिमिटिड इंटरनेट जैसे रीचार्ज बेनिफिट भी देना शुरू कर सकती हैं।

Vi और BSNL की भागीदारी टेलीकॉम जगत के लिए एक बड़ी खबर है। अब देखना काफी दिलचस्प होगा क्योंकि, दोनों टेलीकॉम प्लेयर्स का साथ आना एक दूसरे को कितना फायदा देता है। उम्मीद जताई जा रही है कि, इंफ्रास्ट्रक्चर बांटने से दोनों को ही अधिक फायदा मिलेगा और दोनों की स्थिति बेहतर होगी।
लेखक की राय
Vodafone Idea और Bharat Sanchar Nigam Limited की ये साझेदारी मजबूरी भी है और मौका भी।
अगर टॉवर और स्पेक्ट्रम शेयरिंग सही तरीके से लागू हुई, तो नेटवर्क क्वालिटी में बड़ा सुधार दिख सकता है।
लेकिन Reliance Jio और Bharti Airtel से मुकाबला आसान नहीं होगा।
आने वाला समय तय करेगा—ये गठबंधन गेम चेंजर बनेगा या सिर्फ सर्वाइवल का सहारा।
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