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BSNL ला रहा है नया CNAP फीचर: अब बिना ऐप के दिखेगा कॉलर का नाम

By Afreen Bano

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भारत में स्पैम कॉल और फ्रॉड की बढ़ती समस्या के बीच टेलीकॉम सेक्टर एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। सरकारी कंपनी BSNL अब एक नया फीचर लाने की तैयारी में है, जिसका नाम है CNAP यानी Caller Name Presentation। यह फीचर आने वाले समय में कॉलिंग एक्सपीरियंस को पहले से ज्यादा सुरक्षित और स्मार्ट बना सकता है।

क्या है CNAP फीचर

CNAP एक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए आपके फोन पर आने वाले अनजान नंबर के साथ कॉलर का नाम भी दिखाई देगा। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं होगी। यानी अब आपको Truecaller जैसे ऐप्स पर निर्भर रहने की जरूरत खत्म हो सकती है। यह सिस्टम टेलीकॉम कंपनियों के KYC डेटा पर आधारित होगा, जिससे दिखने वाला नाम ज्यादा भरोसेमंद माना जा रहा है।

BSNL में कब तक होगा लॉन्च

रिपोर्ट्स के मुताबिक BSNL फिलहाल इस फीचर की टेस्टिंग और नेटवर्क इंटीग्रेशन पर काम कर रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगले तीन से चार महीनों में इसका रोलआउट शुरू हो सकता है। कंपनी का लक्ष्य इसे पूरे देश में लागू करने का है, जिससे सभी यूजर्स को इसका फायदा मिल सके।

प्राइवेट कंपनियों की क्या है तैयारी

भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां जैसे Jio, Airtel और Vodafone Idea इस तरह की तकनीक पर पहले से काम कर चुकी हैं। अब BSNL इनके साथ मिलकर इंटर-नेटवर्क इंटीग्रेशन सुनिश्चित कर रहा है, ताकि अलग-अलग नेटवर्क के बीच भी कॉलर का नाम सही तरीके से दिख सके।

कैसे काम करेगा यह फीचर

जब भी आपके फोन पर कोई कॉल आएगी, तो नंबर के साथ कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम भी स्क्रीन पर दिखाई देगा। यह नाम उस व्यक्ति के KYC रिकॉर्ड से लिया जाएगा, जो उसने सिम लेते समय जमा किया था। इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन या अलग से ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यह सीधे नेटवर्क स्तर पर काम करेगा।

Truecaller से कितना अलग है

अब तक यूजर्स कॉलर की पहचान के लिए Truecaller जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते रहे हैं, जो यूजर-जनरेटेड डेटा पर आधारित होते हैं। इसके मुकाबले CNAP ज्यादा भरोसेमंद माना जा रहा है क्योंकि यह आधिकारिक KYC डेटा का उपयोग करता है। साथ ही, यह फीचर बिना किसी ऐप के काम करेगा, जिससे यूजर्स को एक आसान और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।

CNAP BSNL

क्यों जरूरी है यह बदलाव

भारत में बढ़ते फ्रॉड कॉल और साइबर स्कैम को देखते हुए इस तरह के फीचर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। CNAP के आने से यूजर्स पहले ही जान पाएंगे कि कॉल किसका है, जिससे वे संदिग्ध कॉल्स से बच सकते हैं। यह फीचर डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।

किन यूजर्स को नहीं मिलेगा फायदा

हालांकि यह फीचर काफी उपयोगी है, लेकिन कुछ पुराने 2G फोन यूजर्स को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। यह सुविधा मुख्य रूप से उन डिवाइसेस पर काम करेगी जो आधुनिक नेटवर्क सपोर्ट करते हैं।

मेरी राय

BSNL का CNAP फीचर भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर यह सफलतापूर्वक लागू होता है, तो भविष्य में कॉलर पहचान के लिए अलग से किसी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कदम न सिर्फ यूजर अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

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Afreen Bano

मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर और मास कम्युनिकेशन में पोस्टग्रेजुएट हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी, खासकर स्मार्टवॉच और लैपटॉप जैसे गैजेट्स पर लिखना पसंद है। मेरा उद्देश्य है कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी जटिल जानकारियों को आसान, स्पष्ट और उपयोगी भाषा में आम पाठकों तक पहुँचाया जाए। लेखन के माध्यम से मैं तकनीक को समझने और अपनाने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बनाना चाहती हूँ।

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