अगर आपने हाल ही में AI के बारे में सुना है, तो आपने देखा होगा कि OpenAI और Google ने अपने AI मॉडल्स में विज्ञापन और शॉपिंग फीचर्स जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन इस कदम ने Anthropic को खड़े होकर विरोध करने पर मजबूर कर दिया। आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है।
AI अब सिर्फ चैट नहीं, कमाई का जरिया भी
OpenAI और Google की सोच है कि AI सिर्फ सवाल-जवाब या मदद देने का माध्यम नहीं रह सकता बल्कि इसे फाइनेंशियल तौर पर भी टिकाऊ बनाना होगा। इसलिए उन्होंने अपने AI प्लेटफॉर्म्स में विज्ञापन और शॉपिंग सुझाव शामिल करना शुरू किया है। इसका मतलब है कि अब आप चैट करते समय AI आपको प्रोडक्ट्स या सर्विसेज के विकल्प भी दिखा सकता है।
OpenAI का कहना है कि यह पूरी तरह से स्पॉन्सर्ड और सुरक्षित तरीके से किया जाएगा, ताकि आपके AI अनुभव पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

Anthropic: “यह गलत दिशा है”
Anthropic, जो अपने मॉडल Claude के लिए जाना जाता है, ने इसे एक गलत कदम बताया है। उनका मानना है कि AI को विज्ञापन दिखाने के लिए इस्तेमाल करना यूजर ट्रस्ट और प्राइवेसी दोनों के लिए खतरा है।
उनका विचार है कि AI का मुख्य काम किसी प्रोडक्ट बेचने के बजाय लोगों की मदद करना और सही जानकारी देना है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
यह बहस सिर्फ कंपनियों के बीच नहीं, बल्कि हमारे AI अनुभव के भविष्य को तय कर सकती है।
• OpenAI और Google चाहते हैं कि AI फ्री और सस्ते विकल्पों के लिए विज्ञापन दिखाए।
• Anthropic चाहता है कि AI पूरी तरह Ad‑free रहे और यूज़र्स पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े।
इससे स्पष्ट है कि आने वाले सालों में हम देखेंगे कि कौन सा मॉडल यूज़र्स का विश्वास जीतता है और कौन सा सिर्फ कमाई पर ध्यान देता है।
भविष्य की झलक
AI अब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि रणनीतिक प्लेटफॉर्म बन चुकी है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि
• क्या AI विज्ञापन दिखाते हुए भी निष्पक्ष रह सकता है?
• क्या Ad‑free AI मॉडल ज्यादा भरोसेमंद साबित होगा?
पाठक के लिए सवाल यही है कि क्या आप ऐसे AI का उपयोग करना पसंद करेंगे जो विज्ञापन दिखाता है या जो पूरी तरह आपकी मदद पर केंद्रित है?
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