अगर आप आने वाले दिनों में नया लैपटॉप खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है। Dell, Lenovo और कई अन्य बड़े PC निर्माताओं ने चेतावनी दी है कि जल्द ही लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 15–20% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके पीछे मुख्य वजह ग्लोबल स्तर पर कंपोनेंट्स की कमी, खासतौर पर मेमोरी चिप्स की उपलब्धता में गिरावट है।
मेमोरी चिप्स की भारी कमी
रिपोर्ट्स के अनुसार, DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी की दुनिया भर में शॉर्टेज हो गई है। AI सर्वर और डेटा-सेंटर्स में इन कंपोनेंट्स की ज्यादा मांग ने हालात को और खराब कर दिया है। पिछले एक साल में मेमोरी चिप्स की कीमतें 70% से 170% तक बढ़ चुकी हैं, जिससे PC मैन्युफैक्चरर्स पर कीमतें बढ़ाने का सीधा दबाव पड़ा है।
AI कंप्यूटिंग की मांग ने बढ़ाई दिक्कत
नई AI से चलने वाली मशीनों में अधिक RAM और हाई-स्पीड स्टोरेज की जरूरत होती है। इससे सामान्य कंज्यूमर लैपटॉप के लिए होने वाली सप्लाई प्रभावित हो रही है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि AI सर्वर के लिए बढ़ती मांग ने पारंपरिक पीसी कंपोनेंट्स की उपलब्धता को कम कर दिया है।
छोटे और बजट ब्रांडों पर ज़्यादा असर
चूंकि बड़े ब्रांड सप्लायरों से प्राथमिकता में कंपोनेंट्स प्राप्त कर लेते हैं, इसलिए छोटे ब्रांडों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है। बजट लैपटॉप सेगमेंट में आने वाले हफ्तों में उपलब्धता की कमी और कीमतों में तेजी देखने को मिलेगी।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप जल्द लैपटॉप खरीदने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा दामों पर खरीदना बेहतर होगा, क्योंकि अगली खेप के साथ कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। नए स्टॉक में RAM-SSD जैसी स्पेसिफिकेशन्स भी महंगी हो सकती हैं, जिससे कुल लागत और बढ़ सकती है।
कंपनियों का स्पष्ट संदेश
PC मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि अगली तिमाही में कीमतें और बढ़ सकती हैं। यदि मेमोरी और स्टोरेज सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो यह संकट लंबे समय तक चल सकता है, जिसका सीधा असर यूजर्स पर पड़ेगा।
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