BSNL: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) अपने ग्राहकों के लिए कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) फीचर लेकर आने की योजना बना रहा है। ऐसे में भारत के निजी सेक्टर की टेलीकॉम कंपनियां पहले ही इस फीचर को अपने ग्राहकों के लिए लॉन्च कर चुकी हैं। लेकिन अब सरकार के स्वामित्व वाली टेलीकॉम कंपनी भी इसे देशभर में लॉन्च करने की योजना बना रही है।
जिसे लेकर ऐसा बताया जा रहा है कि BSNL ने यह समाधान पहले ही लागू कर दिया है। CNAP भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की एक पहल है, जिससे यूजर्स को कॉल आने पर कॉलर का नाम नजर आता है। इस फीचर से यूजर्स को कॉल का जवाब देने से पहले उस व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलेगी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
BSNL: CNAP जल्द होगा इंटीग्रेट
ईटीटेलीकॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, BSNL वर्तमान में निजी सेक्टर की टेलीकॉम कंपनियों के साथ अपनी CNAP सर्विस के इंटीग्रेशन की योजना बना रहा है। ऐसे में Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea ने इसे पहली बार लागू किया है। BSNL के लिए यह समाधान पहले ही लागू किया जा चुका है और अब इसे जोन-वाइस इंटीग्रेट किया जा रहा है।
इंटीग्रेशन के बाद BSNL तीन से चार महीनों के अंदर देशभर में CNAP सर्विस को स्टार्ट कर देगा। इसे लेकर उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि, C-DoT ने सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर के लिए इस समाधान को तैयार और लागू किया है। TRAI द्वारा शुरू की गई CNAP सर्विस को 2025 की दूसरी छमाही में धीरे-धीरे लॉन्च किया गया था। दूरसंचार विभाग ने 4G और 5G दोनों नेटवर्क पर इस फीचर की टेस्टिंग की गई। स्पैम कॉल को रोकने के लिए डिजाइन की गई यह सर्विस फीचर फोन पर फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

CNAP सर्विस बिना किसी अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन फीस के फोन पर अंजान कॉल करने वालों के नाम दिखाती है। इस सर्विस के लिए इंटरनेट एक्सेस या Truecaller जैसे किसी ऐप की कोई आवश्यकता नहीं है। देखा जाए तो, इस फीचर कॉलर का नाम नहीं दिखाने के लिए KYC वेरिफाइड सब्सक्राइबर डिटेल का इस्तेमाल करती है। CNAP सर्विस वर्तमान में ठीक से काम करती है, जब कॉल करने वाला और उठाने वाला दोनों एक ही नेटवर्क का हिस्सा हों। फिलहाल ऑपरेटर अभी भी इस फीचर की क्रॉस-नेटवर्क कंपेटिबिलिटी से संबंधित मुद्दों पर काम कर रहे हैं।
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