WhatsApp: केंद्र सरकार ने अपनी तरफ से यह साफ कर दिया है कि 28 फरवरी के बाद से सिम बाइडिंग नियम के अनुसार वॉट्सऐप काम करेगा। नए नियम के बाद अगर आपके फोन में सिम नहीं है तो वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट और आराट्टई आदि कुछ काम नहीं करेगा। इसके अलावा वॉट्सऐप वेब में भी 6 घंटे बाद अपने आप लॉग आउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड करने वालों को पकड़ने में मदद मिलेगी। आइए सरकार के इस नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं।
WhatsApp: सिम बाइंडिंग क्या है?
जानकारी के अनुसार, सिम बाइंडिंग एक अतिरिक्त सिक्योरिटी परत है। WhatsApp को यूजर्स को सिम कार्ड से आसानी से लॉक कर देता है। इसकी सबसे बड़ी खास बात यह है कि कोई भी हैकर या जालसाज आपके नंबर का प्रयोग किसी दूसरे डिवाइस से नहीं कर पाएगा।
सिम बाइंडिंग के जरिए किसी ऐप को लिंक करने पर, वह ऐप तभी खुलेगी जब यूजर्स का रजिस्टर्ड सिम कार्ड मौजूदा समय पर उसी फोन में एक्टिव होगा। यह नया नियम 1 मार्च, 2026 से लागू होगा, जिसके बाद यूजर्स बिना सिम ऐप नहीं चला पाएंगे।
नया नियम और पुराना नियम
वर्तमान में अगर आप अपने फोन से सिम कार्ड निकाल देते हैं या सिम उस फोन में वर्तमान में मौजूद नहीं है तो उसके बाद ऐप लगातार काम करती है। वहीं नए नियम के तहत रजिस्टर्ड सिम फोन में मौजूद समय में फोन में होनी चाहिए और एक्टिव भी होना चाहिए।

इसी के साथ WhatsApp वेब में लॉग इन हमेशा एक्टिवरहता है जो कि कई हफ्तों तक रहेगा। देखा जाए तो, नए नियम के तहत सिक्योरिटी के लिए WhatsApp ऑटोमैटिक तौर पर 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। फिलहाल ओटीपी के जरिए कहीं भी लॉग इन किया जा सकता है, जबकि नए नियम के तहत सिम बाइडिंग न होने पर भी ऐप काम करना बंद कर देगा।
लेखक की राय
सुरक्षा के नाम पर नियम सख्त करना जरूरी है, लेकिन पारदर्शिता उससे भी ज्यादा जरूरी है।
बिना आधिकारिक अधिसूचना के ऐसे दावे भ्रम फैला सकते हैं।
साइबर फ्रॉड रोकना जरूरी है, पर उपयोगकर्ताओं की सुविधा भी उतनी ही अहम है।
सच और अफवाह के बीच फर्क समझना ही डिजिटल जागरूकता है।
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