Apple इस साल अपनी नई iPhone 18 सीरीज को पेश करने की योजना बना रहा है। ऐसे में उम्मीद यह है कि, लेटेस्ट आईफोन सितंबर 2026 में लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक एप्पल ने आधिकारिक तौर पर आईफोन को लेकर अभी तक कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन लीक्स और अफवाहों की माने तो, iPhone 18 सीरीज के बारे में बहुत कुछ पता चल गया है।
जैसे कि, आप सभी को पता है कि, एप्पल हर साल आईफोन को लेटेस्ट फीचर्स से अपग्रेड करता है, लेकिन अब तक कीमत को ज्यादा नहीं बढ़ाया गया है। बाजार में iPhone 18 सीरीज की कीमत को लेकर भी अब खबरे आनी शुरू हो गई है। अब जाने-माने एप्पल एनालिस्ट मिंग-ची कुओ ने बताया है कि चलता है कि नए खरीदारों को ज्यादा रकम नहीं चुकानी होगी। तो चलिए जानते हैं, आईफोन 18 सीरीज के बारे में विस्तार से …
मेमोरी तिमाही के आधार पर होगी तय?
मिंग-ची कुओ की X पर पोस्ट के मुताबिक, खबरों में ऐसा बताया गया है कि, 1Q26 LPDDR की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग वैसी ही है जैसा सुना गया है। हालांकि, NAND फ्लैश की कीमतों में बढ़ोतरी के कम आसार है। iPhone मेमोरी की कीमत अब हर छमाही के बजाय तिमाही आधार पर तय होगी। इसलिए 2Q26 में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल 2Q26 की तिमाही-दर-तिमाही बढ़ोतरी 1Q26 के समान नजर आती है।
iPhone 18 महंगा होगा या सस्ता ?
अधिकतर नॉन AI ब्रांड्स के लिए बेशक आप ज्यादा कीमत चुकाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसी के साथ सप्लाई की कोई भी गारंटी नहीं है। Apple का इस तरह की डील कर पाना उनकी ताकत को कहीं न कहीं दर्शाता है।

मेमोरी की बढ़ती लागत iPhone के ग्रोस मार्जिन पर प्रभाव डालेगी। लेकिन Apple की स्ट्रैटजी साफ है, जिसमें मार्केट की उथल-पुथल का फायदा उठाना, चिप्स सुरक्षित करना, कॉस्ट वहन करना और ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी हासिल करना। एप्पल बाद में सर्विस के जरिए इसकी भरपाई कर लेंगे।
मार्केटिंग को होगा फायदा ?
मेमोरी के चलते लागत का दबाव इस हफ्ते एप्पल की इनकम घोषणा के दौरान इन्वेस्टर्स और एनालिस्ट के लिए एक चर्चा का मुद्दा हो सकता है। एप्पल जो बताएगा उससे असलियत में अन्य इंडस्ट्री के शेयर में एप्पल या उसके सप्लायर्स के शेयरों के मुकाबले में ज्यादा शोर देखने को मिल सकती है। 2026 की दूसरी छमाही में आने वाले नए iPhone 18 मॉडल के लिए Apple का मौजूदा प्लान कीमतों में बढ़ोतरी से बचने का है।
कम से कम शुरुआती कीमत को स्थिर रखना है, जिससे मार्केटिंग में फायदा होता है। Apple को यह पता चल गया है कि दिक्कत सिर्फ मेमोरी और टी-ग्लास की ही नहीं है। बल्कि, एआई सर्वर की बढ़ती डिमांड के चलते सप्लाई चेन के बाकी हिस्सों पर दबाव बढ़ने से अन्य कंपोनेंट की भी कमी हो सकती है।
लेखक की राय
iPhone 18 सीरीज को लेकर संकेत साफ हैं कि Apple कीमतें अचानक बढ़ाने के मूड में नहीं है। बढ़ती मेमोरी लागत के बावजूद कंपनी शुरुआती कीमत को स्थिर रखकर ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाना चाहती है। यह रणनीति Apple को मार्केटिंग और मार्केट शेयर दोनों में फायदा दे सकती है। यूज़र्स के लिए राहत की बात है कि अगला iPhone ज्यादा महंगा नहीं हो सकता।
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